शनिवार, 20 नवंबर 2010

दीवाना

दूर जा के भी दूर मुझसे तुम जा ना सकोगे |
भूल जाओगे खुद को, पर मुझे भुला ना सकोगे |
तुम में ही मै दफन हूँ, हूँ तुम में ही रवाँ |
मेरे निशान अपने जिस्म से, मिटा ना सकोगे |
दूर जा के ......


तुम तो हो ही ख़ास, पर मैं भी कोई आम नहीं हूँ |
सुन कर के भुला दोगे,  मैं वो नाम नहीं हूँ |
आशिक मिलेंगे मुझसे तुम्हें, दुनिया में रोज़ लाख |
दीवाना कोई मुझ सा कहीं पा ना सकोगे |
दूर जा के भी दूर मुझसे तुम जा ना सकोगे |

 दूर जा के भी दूर मुझसे तुम जा ना सकोगे |

9 टिप्‍पणियां:

  1. "तुम तो हो ही ख़ास, पर मैं भी कोई आम नहीं हूँ |
    सुन कर के भुला दोगे, मैं वो नाम नहीं हूँ |"
    achhii lagii ye panktiya.

    उत्तर देंहटाएं
  2. दूर जा के भी दूर मुझसे तुम जा ना सकोगे |
    भूल जाओगे खुद को, पर मुझे भुला ना सकोगे |
    तुम में ही मै दफन हूँ, हूँ तुम में ही रवाँ |
    मेरे निशान अपने जिस्म से, मिटा ना सकोगे |

    बढ़िया प्रस्तुति....साधुवाद

    उत्तर देंहटाएं
  3. आप सभी की हौसलाफजाई के लिए शुक्रिया ...आशीर्वाद और प्रेम बनाये रखें...

    धन्यवाद ..

    उत्तर देंहटाएं

लोकप्रिय पोस्ट